कवर्धा - श्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तीसरे चरण में आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के सुदूर और दुर्गम ग्राम बिजराकछार में आयोजित समाधान शिविर में पहुँचे। घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे इस इलाके में पहली बार मुख्यमंत्री का आगमन होते ही ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह दिखा। यह इलाका आदिवासी और बैगा विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल है और छत्तीसगढ़ की सीमा पर स्थित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ महतारी एवं सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सुशासन तिहार के अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं और किसानों ने पारंपरिक खुमरी के साथ मुख्यमंत्री का गजमाला से अभिनंदन किया। समाधान शिविर में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव और जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने समाधान शिविर में आत्मीयता के साथ ग्रामीणों से मुलाकात की और जनसमस्याओं को सुना। उन्होंने डिंडोरी में नए कॉलेज की स्थापना, खुड़िया में पीएचसी का उन्नयन एवं लोरमी में छात्रावास के निर्माण की ऐतिहासिक घोषणाएँ कीं।
सुशासन तिहार के तृतीय चरण अंतर्गत आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र की ग्राम पंचायत बिजराकछार, बोईरहा, खुड़िया, महामाई, निवासखार, सुरही, कटामी, लमनी, छपरवा, अचानकमार, दरवाजा, कारीडोंगरी, डोंगरीगढ़, झिरिया क्लस्टर के रूप में शामिल की गई थीं। मुख्यमंत्री ने क्लस्टर की 14 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों से सीधा संवाद कर शासन की योजनाओं की जानकारी ली और उनकी समस्याएं सुनीं।
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की एक-एक गारंटी को धरातल पर उतारने का कार्य पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता से कर रहे हैं। हमारी सरकार जनता से किए गए हर वादे को गंभीरता से लेते हुए उसे पूरा करने में जुटी है। आज मुझे एक सांसद के रूप में आप सभी की सेवा करने का गौरव प्राप्त हो रहा है। विधानसभा चुनाव से पहले हमने वादा किया था कि सबसे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवासहीन परिवारों को घर उपलब्ध कराएंगे। हमारी सरकार ने इस वादे को प्राथमिकता दी और सरकार बनते ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सबसे पहले प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी। हमारा संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी गरीब भूखा न रहे। इसी दिशा में हर ज़रूरतमंद को नियमित रूप से चावल उपलब्ध कराया जा रहा है, चाहे वह वनांचल में हो या दूरस्थ अंचलों में।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद सहित अन्य अधिकारीगण एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि राज्य में समाधान शिविरों के माध्यम से आमजनों की मांगों एवं समस्याओं का निराकरण लगातार जारी है। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए शासन-प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुंगेली जिले में कुल 1 लाख 29 हजार 573 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 1 लाख 29 हजार 565 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। समाधान शिविर बिजराकछार क्लस्टर अंतर्गत 7 हजार 917 मांगों व 53 शिकायतों सहित कुल 7 हजार 970 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 7 हजार 964 आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया जा चुका है। सबसे अधिक पीएम आवास के 1 हजार 977 आवेदन प्राप्त हुए हैं। आवास प्लस 2.0 अंतर्गत सर्वे कर 1 हजार 469 हितग्राहियों का नया नाम जोड़ा गया है। इसके साथ ही 110 भूमि सुधार कार्य, 20 डबरी निर्माण की स्वीकृति और 25 नवीन जॉब कार्ड बनाए गए हैं। 116 नवीन राशन कार्ड प्रदान करने के साथ 61 नाम जोड़ने व काटने, 2 श्रम कार्ड, 142 महतारी वंदन योजना का नया पंजीयन, 31 पेंशन हेतु पंजीयन और पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 23 नया पंजीयन किया गया है।