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ईरान युद्ध से भारत में हाहाकार, राजस्थान में फैक्ट्रियां बंद, 3000 में बिक रहा सिलेंडर

हेल्पलाइन सिस्टम फेल, जनता में आक्रोश

31 मार्च 2026 19 व्यू
ईरान युद्ध से भारत में हाहाकार, राजस्थान में फैक्ट्रियां बंद, 3000 में बिक रहा सिलेंडर

नई दिल्ली|  खाड़ी देशों  में जारी युद्ध का खौफनाक असर अब भारत की डोमेस्टिक और इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन पर दिखने लगा है। एलपीजी के भारी संकट के चलते राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात में हजारों फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं, जिससे बेरोजगार हुए प्रवासी मजदूर 'कोरोना काल' की तरह बड़े पैमाने पर अपने गांवों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।

राजस्थान के जयपुर, रींगस और बगरू इंडस्ट्रियल इलाकों में कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई बाधित होने से कपड़ा, सेरामिक, मार्बल और केमिकल फैक्ट्रियों में ताले लग गए हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन पर अजमेर-सियालदह और गरीब नवाज एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल लौटने वाले मजदूरों की भारी भीड़ है। सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में काम करने वाले श्रमिकों का कहना है कि फैक्ट्रियां बंद हो गई हैं और घरेलू सिलेंडर न मिलने से खाने-पीने का संकट पैदा हो गया है इसलिए वे अपने परिवारों के साथ गांव लौट रहे हैं।

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और नवी मुंबई के किचन्स पर भी इस ग्लोबल क्राइसिस का सीधा असर पड़ा है। लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर घर लौटने वालों का भारी हुजूम है। मुंबई में एलपीजी की कालाबाजारी धड़ल्ले से चल रही है। 900 से 1000 रुपये वाला गैस सिलेंडर अब ब्लैक में 2500 से 3000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि बाहर का खाना इतना महंगा है कि उनकी पूरी दिहाड़ी पेट भरने में ही खत्म हो रही है। गांव में कम से कम जलावन और लकड़ी के सहारे उनका गुजारा हो सकेगा।

गुजरात के सूरत में भी गैस की भारी किल्लत के चलते हालात बेकाबू हैं। श्रमिक अपना सारा सामान, बर्तन और चूल्हा लेकर ट्रेनों से वापस लौट रहे हैं। उनका कहना है कि बिना गैस के शहरों में जीवनयापन  मुश्किल हो गया है और जब तक सप्लाई नॉर्मल नहीं होती वे वापस काम पर नहीं लौटेंगे।

इन सबके बीच सरकारी सिस्टम और हेल्पलाइन्स की नाकामी भी सामने आई है। बगरू इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव नवनीत झालानी के अनुसार जब उन्होंने कमर्शियल सप्लाई की व्यवस्था जानने के लिए सरकारी हेल्पलाइन 14435 पर कॉल किया तो वहां मौजूद स्टाफ ने केंद्र या राज्य सरकार के किसी भी नए आदेश की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया।