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जंग मैदान में नहीं, अब टेबल पर जीती जाएगी

नई दिल्ली । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान के हालिया मिसाइल हमले का जवाब न देने की अपील की है। राष्ट्रपति ट्रम्प का मानना है कि इजरायल की किसी भी जवाबी कार्रवाई से पिछले तीन महीनों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए जारी शांति वार्ता खतरे में पड़ सकती है।

बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच नए तनाव को रोकना,ताकि आगामी शांति समझौता प्रभावित न हो

 

अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, रविवार (7 जून, 2026) को ईरान द्वारा इजरायल पर की गई मिसाइल बौछार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने नेतन्याहू से फोन पर बात की। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच नए तनाव को रोकना था, ताकि आगामी शांति समझौता प्रभावित न हो।

 

फॉक्स न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, "हम समझौते के बेहद करीब हैं। मुझे लगता है कि इस आने वाले सप्ताह के सोमवार, मंगलवार या बुधवार तक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे। लेकिन ठीक इसी समय यह हमला हो गया." ईरान को कड़ा संदेश देते हुए ट्रम्प ने कहा, "आपने अपनी मिसाइलें दाग दीं, अब यह बहुत है। वापस बातचीत की मेज पर आएं और समझौता करें।

 

ट्रम्प ने 'एक्सियोस' से बातचीत में इस बात पर राहत जताई कि ईरानी हमलों में किसी की जान नहीं गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि इजरायल जवाबी कार्रवाई नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "अगर बीबी (नेतन्याहू) ने पलटवार किया, तो यह सिलसिला पिछले 47 वर्षों या पिछले 3,000 वर्षों की तरह लगातार चलता ही रहेगा. दोनों देशों ने अपनी ओर से हमले कर लिए हैं, अब हमें किसी और हमले की जरूरत नहीं है।

 

'फाइनेंशियल टाइम्स' को दिए एक अन्य इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच जो भी अंतिम समझौता होगा, प्रधानमंत्री नेतन्याहू को उसे स्वीकार करना ही होगा। ट्रम्प ने दावा किया कि इस मामले में आखिरी फैसला उनका ही होगा और नेतन्याहू के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होगा।



यह बातचीत उस समय सामने आई है जब अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद ईरान ने पहली बार इजरायल पर सीधा मिसाइल हमला किया है। इसके साथ ही, राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को बेरूत पर इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों की भी आलोचना की और कहा कि वह इससे खुश नहीं हैं।

 

फोन कॉल के दौरान जब ट्रम्प ने नेतन्याहू से शांति समझौते के मद्देनजर संयम बरतने को कहा, तो इजरायली प्रधानमंत्री ने शुरुआत में इसका विरोध किया, लेकिन बाद में वे पीछे हटने के लिए "अप्रत्यक्ष रूप से सहमत" हो गए। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, पिछले सप्ताह दोनों नेताओं के बीच हुई तीखी बहस की तुलना में रविवार को हुई यह बातचीत काफी शांत माहौल में हुई।