नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष को लेकर एक बार फिर बयान दिया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की की तुलना में शांति समझौता करने के अधिक इच्छुक हैं।
ट्रंप के इस बयान ने ऐसे समय में वैश्विक कूटनीति को गर्मा दिया है जब यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर रूसी हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि रूस और यूक्रेन दोनों ही ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने के प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इस प्रक्रिया को आगे कैसे बढ़ाया जाए।
ट्रंप ने कड़े लहजे में कहा कि दोनों देशों ने उनके कहे अनुसार ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोकने पर सहमति जताई थी और अमेरिका जल्द ही दोनों पक्षों को एक समझौते पर लेकर आएगा।
उन्होंने चालू महीने में 32,000 सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने के आंकड़ों का हवाला देते हुए इस युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील की।
दूसरी ओर, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रूस पर अमेरिका के प्रस्तावित ऊर्जा संघर्षविराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन ने अमेरिका के प्रस्ताव का सम्मान करते हुए रूसी ऊर्जा ठिकानों पर हमले रोक दिए थे, लेकिन रूस ने कीव में आवासीय इमारतों और ऊर्जा ढांचों को निशाना बनाना जारी रखा।
उन्होंने इसे राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव पर पुतिन का नकारात्मक जवाब करार दिया। इस बीच, यूरोपीय संघ ने भी रूस के सैन्य-औद्योगिक नेटवर्क से जुड़े 1,569 व्यक्तियों और संस्थाओं पर अब तक का सबसे बड़ा प्रतिबंध लगा दिया है।