रायपुर। राजधानी के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) परिसर में प्रदेश का पहला अत्याधुनिक सुभाष चंद्र बोस बायोटेक इंक्युबेशन सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इसका उद्घाटन आगामी 29 और 30 सितंबर को होने वाले ‘छत्तीसगढ़ यूथ इनोवेशन एवं एंटरप्रेन्योरशिप कान्क्लेव 2026’ के दौरान होगा।
भारत सरकार और राज्य शासन के सहयोग से इस जैव प्रौद्योगिकी पार्क परियोजना की स्थापना की जा रही है। इसके लिए भारत सरकार, राज्य शासन और IGKV के बीच त्रिपक्षीय अनुबंध हुआ है। इसकी क्रियान्वयन एजेंसी छत्तीसगढ़ जैव प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन सोसायटी है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर इस सेंटर के निर्माण और फर्निशिंग के लिए 20 करोड़ 55 लाख रुपये की द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के जैव संसाधनों के दोहन के साथ युवाओं में नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना है।
सेंटर की खासियत
इस सेंटर में कुल 23 अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं हैं, जिनमें बीएस-4 स्तर की जैव सुरक्षा सुविधाएं हैं। इसके अलावा 2 सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन और एनालिटिकल टेस्टिंग लैब भी हैं। यहां 17 सूक्ष्म एवं लघु और 6 वृहद उद्योगों सहित कुल 23 स्टार्टअप कंपनियों के लिए ऑफिस बनाए गए हैं, जो 3 साल तक यहां काम कर सकेंगी। कृषि और फार्मा बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।