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किसान क्रेडिट कार्ड योजना ने किसानों को बनाया आत्मनिर्भर, बेहतर उत्पादन से बढ़े हौसले

अम्बिकापुर। किसानों को खेती-किसानी के लिए समय पर ऋण उपलब्ध कराने तथा कृषि कार्यों को सुगम बनाने के उद्देश्य से संचालित किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना किसानों के लिए उपयोगी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से किसानों को कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता मिल रही है, जिससे वे खेती के कार्य निर्धारित समय पर कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। जिले के ग्राम पंचायत कंचनपुर निवासी किसान एवं किसान मित्र ललन राजवाड़े भी ऐसे ही लाभान्वित किसानों में शामिल हैं, जिन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर अपनी खेती को नई दिशा दी है।

खाद-बीज की समय पर उपलब्धता से बढ़ा उत्पादन, शासन के प्रति जताया आभार

 

ललन राजवाड़े बताते हैं कि कुछ समय पहले तक खेती-किसानी करना उनके लिए आसान नहीं था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद, बीज एवं अन्य कृषि सामग्री समय पर उपलब्ध नहीं हो पाती थी। इसका सीधा प्रभाव खेती और उत्पादन पर पड़ता था। इसी दौरान वे किसान मित्र से जुड़े और उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने अपने नजदीकी सहकारी समिति के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड बनवाया।

 

केसीसी बनने के बाद उन्हें खेती-किसानी के लिए आवश्यक ऋण उपलब्ध हुआ। इस राशि से उन्होंने समय पर खाद-बीज एवं अन्य कृषि सामग्री की व्यवस्था की, जिससे खेती के सभी कार्य समय पर संपादित हो सके। उनका कहना है कि अब खेती पहले की अपेक्षा अधिक व्यवस्थित ढंग से हो रही है और कृषि उत्पादन में भी सुधार देखने को मिला है।

 

उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के कारण खेती के लिए बार-बार आर्थिक संकट का सामना नहीं करना पड़ता। आवश्यकता के समय ऋण की सुविधा मिलने से कृषि कार्य बिना बाधा के पूरे हो जाते हैं, जिससे खेती करना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है। इससे उन्हें आत्मविश्वास के साथ खेती करने की प्रेरणा मिली है और वे बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं।

 

किसान ललन राजवाड़े ने किसान हित में संचालित योजनाओं के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने कहा कि समय पर वित्तीय सहायता मिलने से किसानों को खेती में सुविधा मिलती है, जिससे उनकी आय बढ़ाने और कृषि को सुदृढ़ बनाने में मदद मिल रही है।