Raigarh | राज्यों से
रायगढ़ । धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम क्रोंधा में बुजुर्ग दंपति की हत्या के बाद शवों को जलाकर साक्ष्य मिटाने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि वर्षों पुराने जमीन विवाद का खूनी अंजाम था। मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने पूछताछ में हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली।

बुधवार सुबह ग्राम क्रोंधा निवासी मंगल राठिया (65) और उनकी पत्नी पुनाई बाई राठिया के शव उनके घर के अंदर जली हुई अवस्था में मिले थे। प्रारंभिक तौर पर मामला आग लगने का प्रतीत हो रहा था, लेकिन घटनास्थल का निरीक्षण करने पर पुलिस को शवों पर गंभीर चोटों के निशान मिले। इसके बाद हत्या की आशंका गहरा गई और जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया। घटनास्थल से बरामद हत्या में प्रयुक्त टांगी की गंध सूंघकर पुलिस डॉग ‘रूबी’ सीधे एक संदिग्ध के घर तक पहुंची।साथ ही ग्रामीणों से पूछताछ के दौरान यह जानकारी भी मिली कि मृतक मंगल राठिया का गांव के ही श्यामलाल राठिया के साथ लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।
पुलिस ने संदेह के आधार पर श्यामलाल राठिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने अपने भाई जीवनलाल राठिया के साथ मिलकर हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में एक जमीन खरीदी थी। बाद में उसी जमीन को मूल विक्रेता ने अधिक कीमत मिलने पर मंगल राठिया के नाम बेच दिया। हालांकि समझौते के तहत आरोपियों को उनके पैसे वापस मिल गए थे, लेकिन मृतक द्वारा उसी जमीन पर मकान बनाकर खेती शुरू करने से दोनों भाइयों के मन में लगातार नाराजगी बनी रही।
पुलिस के मुताबिक, पुराने विवाद का बदला लेने के लिए दोनों भाइयों ने पहले टांगी से दंपति की निर्मम हत्या की। इसके बाद वारदात को दुर्घटना का रूप देने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से घर और दोनों शवों में आग लगा दी, ताकि लोगों को लगे कि दोनों की मौत आग लगने से हुई है।