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बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय का प्रश्न पत्र भी लीक

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) प्रबंधन ने पेपर लीक मामले में नया खुलासा

24 अग॰ 2026 0 व्यू

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) प्रबंधन ने पेपर लीक मामले को गंभीरता से लेते हुए परीक्षा व्यवस्था में, परीक्षाओं की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए रविवार को कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक आयोजित की गई। 
इसमें महत्वपूर्ण रूप से रायपुर पुलिस की जांच में  20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय के प्रश्न पत्र के साथ ही 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष के प्लांट पैथोलॉजी विषय का प्रश्न पत्र भी लीक हुआ था। 


इस जानकारी के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों विषयों से संबंधित परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला लिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों परीक्षाओं का दोबारा आयोजन सितंबर माह के प्रथम सप्ताह में कराया जाएगा।

नई परीक्षा तिथि की जानकारी विश्वविद्यालय की ओर से जल्द जारी की जाएगी।दुर्ग कृषि महाविद्यालय को नोटिस जारी पेपर लीक मामले में परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने में असफल रहने पर भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग को नोटिस जारी किया गया है। 


विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा 20 अगस्त के पेपर लीक प्रकरण में रायपुर पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए भारतीय कृषि महाविद्यालय, दुर्ग के दोषी पाए गए छात्रों के खिलाफ भी कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारतीय कृषि महाविद्यालय दुर्ग में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से नियुक्त ऑब्जर्वरों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। उनसे परीक्षा की गोपनीयता और सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक को लेकर जवाब मांगा जाएगा।

पेपर लीक की घटना के बाद विश्वविद्यालय ने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। अब प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को हार्ड कॉपी के माध्यम से भेजने के बजाय पासवर्ड प्रोटेक्टेड ईमेल के जरिए भेजे जा रहे हैं। 22 अगस्त को आयोजित परीक्षा में इसी नई व्यवस्था का इस्तेमाल किया गया। सुबह 10 बजे शुरू होने वाली परीक्षा का प्रश्न पत्र संबंधित महाविद्यालयों को सुबह 9:30 बजे उपलब्ध कराया गया, जिससे प्रश्न पत्र की गोपनीयता बनी रहे।